अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh
अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ हिंदी साहित्य की द्विवेदी युग परंपरा से जुड़े महत्त्वपूर्ण रचनाकार हैं। उनकी साहित्यिक पहचान मुख्यतः काव्य के क्षेत्र में निर्मित हुई। यह पृष्ठ पाठकों को उनके साहित्यिक परिचय और प्रमुख कृतियों तक एक सुव्यवस्थित प्रवेश देता है।
रचनाकार और उनकी साहित्यिक उपस्थिति
अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ हिंदी साहित्य की द्विवेदी युग परंपरा से जुड़े महत्त्वपूर्ण रचनाकार हैं। उनकी साहित्यिक पहचान मुख्यतः काव्य के क्षेत्र में निर्मित हुई। यह पृष्ठ पाठकों को उनके साहित्यिक परिचय और प्रमुख कृतियों तक एक सुव्यवस्थित प्रवेश देता है।
साहित्य संजीवनी इस निर्देशिका को अध्ययन और साहित्यिक परिचय के उद्देश्य से प्रस्तुत करती है। विस्तृत जीवनी को संपादक समय-समय पर प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर समृद्ध कर सकते हैं।
अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की चर्चित रचनाएँ
कॉपीराइट का सम्मान करते हुए यहाँ कृतियों के शीर्षक और उपलब्ध आंतरिक लिंक दिए जाते हैं। पूर्ण पाठ तभी दिखेगा जब वह साहित्य संजीवनी पर वैध रूप से उपलब्ध हो।
शब्दों से जुड़े, सृजन से निखरें।