शब्दों के बीच मनुष्य
अच्छा साहित्य हमें अपने निष्कर्षों में थोड़ा धीमा और दूसरों के अनुभवों के प्रति थोड़ा अधिक सजग बनाता है। वह उत्तर देने से पहले सुनना सिखाता है। इसी कारण पढ़ना केवल बौद्धिक अभ्यास नहीं, संवेदना का अनुशासन भी है।
यह साहित्य संजीवनी के ब्लॉग का प्रदर्शन लेख है।
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