विधाएँ

विधा परिचय

हर विधा की अपनी लय, अपना अनुशासन

कविता भाव और बिंब की संक्षिप्ततम यात्रा है; कहानी जीवन को पात्र और घटना के माध्यम से खोलती है; संस्मरण निजी स्मृति को साझा अनुभव बनाता है; निबंध विचार को भाषा का सुव्यवस्थित आकार देता है। विधा चुनते समय रचना के स्वभाव को प्राथमिकता दें, केवल शीर्षक को नहीं।

“विधा सीमा नहीं, रचना की स्वाभाविक चाल है।”
यह साहित्य संजीवनी की मूल प्रदर्शन/placeholder सामग्री है; वास्तविक सामग्री आने पर इसे हटाया या बदला जा सकता है।